CBSE Board Exam 2026 Date Change CBSE बोर्ड परीक्षा 2026: 10वीं–12वीं की डेट में आंशिक बदलाव, 12 फरवरी की परीक्षा अब 22 फरवरी को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने वर्ष 2026 की कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के कार्यक्रम में आंशिक संशोधन किया है। बोर्ड की ओर से जारी ताज़ा सूचना के अनुसार, 12 फरवरी 2026 को होने वाली एक परीक्षा को अब 22 फरवरी 2026 को आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा बाकी सभी परीक्षाएं अपने पहले से तय समय और तिथियों पर ही संपन्न होंगी। यह बदलाव सीमित है और केवल उसी एक पेपर पर लागू होगा जो पहले 12 फरवरी को निर्धारित था।
CBSE Board Exam 2026 Date Change परीक्षा व्यवस्था अच्छी
CBSE ने यह निर्णय कुछ प्रशासनिक और लॉजिस्टिक कारणों के चलते लिया है, ताकि परीक्षा संचालन में किसी प्रकार की बाधा न आए और छात्रों को बेहतर व्यवस्था मिल सके। बोर्ड का कहना है कि बदलाव का उद्देश्य परीक्षार्थियों के हितों की रक्षा करना और परीक्षा प्रक्रिया को सुचारू बनाना है।
CBSE Board Exam 2026 Date Change स्टूडेंट्स के लिए क्या है जरूरी?
जो छात्र 10वीं या 12वीं की बोर्ड परीक्षा 2026 में शामिल होने वाले हैं, उनके लिए यह जानकारी बेहद महत्वपूर्ण है। जिनका पेपर पहले 12 फरवरी को था, वे अब अपनी तैयारी 22 फरवरी की नई तारीख को ध्यान में रखकर करें। बाकी विषयों की परीक्षा तिथियों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, इसलिए उन सभी पेपरों की तैयारी पहले की तरह ही जारी रखें।
CBSE Board Exam 2026 Date Change एडमिट कार्ड और टाइम टेबल
CBSE की ओर से जारी किए गए अपडेटेड टाइम टेबल और एडमिट कार्ड में नई तिथि को दर्शाया जाएगा। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर नया टाइम टेबल जरूर चेक करें। स्कूल प्रशासन भी छात्रों को संशोधित सूचना प्रदान करेगा, लेकिन व्यक्तिगत रूप से वेबसाइट से सत्यापन करना सबसे सुरक्षित तरीका है।
CBSE Board Exam 2026 Date Change एग्जाम की तैयारी पर असर
एक ही पेपर की तारीख आगे बढ़ने से छात्रों को उस विषय के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। इसका सही उपयोग करते हुए रिवीजन, मॉडल पेपर और पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र हल करें। टाइम मैनेजमेंट पर ध्यान दें और बाकी विषयों की तैयारी में किसी तरह की ढील न दें, क्योंकि उनकी तारीखें यथावत हैं।
CBSE Board Exam 2026 Date Change और स्कूलों की भूमिका
अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों को मानसिक रूप से शांत रखें और समय-सारिणी में हुए बदलाव को लेकर अनावश्यक चिंता न बढ़ने दें। स्कूलों को भी नोटिस बोर्ड और डिजिटल माध्यमों से छात्रों तक सही सूचना समय पर पहुंचानी चाहिए।